उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत व्याख्याताओं की संवेगात्मक बुद्धि एवं व्यावसायिक संतुष्टि के मध्य संबंध का अध्ययन A Study of the Relationship between Emotional Intelligence and Job Satisfaction among Lecturers Working in Senior Secondary Schools
DOI:
https://doi.org/10.5281/zenodo.22771322Keywords:
संवेगात्मक बुद्धि, व्यावसायिक संतुष्टि, व्याख्याता, उच्च माध्यमिक विद्यालय, सहसंबंधात्मक अध्ययन, शिक्षक व्यावसायिक विकास।Abstract
शिक्षक शिक्षा-प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण आधार है तथा उसकी कार्यकुशलता, कार्य-व्यवहार एवं व्यावसायिक प्रतिबद्धता अनेक मनोवैज्ञानिक एवं व्यावसायिक कारकों से प्रभावित होती है। वर्तमान शैक्षिक परिदृश्य में व्याख्याताओं से केवल विषयगत ज्ञान एवं शिक्षण-दक्षता की अपेक्षा नहीं की जाती, बल्कि विद्यार्थियों, सहकर्मियों तथा संस्थागत परिस्थितियों के साथ प्रभावी समायोजन की क्षमता भी अपेक्षित होती है। इस संदर्भ में संवेगात्मक बुद्धि एवं व्यावसायिक संतुष्टि महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक एवं व्यावसायिक चर के रूप में देखी जाती हैं। संवेगात्मक बुद्धि व्यक्ति की स्वयं तथा अन्य व्यक्तियों के संवेगों को पहचानने, समझने, नियंत्रित करने एवं परिस्थितियों के अनुरूप उनका प्रभावी उपयोग करने की क्षमता से संबंधित है, जबकि व्यावसायिक संतुष्टि व्यक्ति द्वारा अपने कार्य, कार्य-परिस्थितियों एवं व्यावसायिक अनुभवों के प्रति अनुभव की जाने वाली संतुष्टि को व्यक्त करती है। प्रस्तुत अध्ययन का उद्देश्य उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत व्याख्याताओं की संवेगात्मक बुद्धि एवं व्यावसायिक संतुष्टि के स्तर का अध्ययन करना तथा दोनों चरों के मध्य संबंध का निर्धारण करना है। अध्ययन के लिए जयपुर शहर की नगर सीमा के अंतर्गत स्थित मान्यता प्राप्त उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत व्याख्याताओं को अध्ययन की जनसंख्या के रूप में निर्धारित किया गया है। अध्ययन हेतु 200 व्याख्याताओं का न्यादर्श चयनित किया गया। आँकड़ों के संकलन के लिए संवेगात्मक बुद्धि एवं व्यावसायिक संतुष्टि से संबंधित मानकीकृत मापनियों का प्रयोग किया गया। प्राप्त आँकड़ों के विश्लेषण के लिए मध्यमान, मानक विचलन तथा Pearson Product-Moment सहसंबंध गुणांक जैसी सांख्यिकीय तकनीकों का प्रयोग किया गया। अध्ययन से प्राप्त निष्कर्ष व्याख्याताओं की संवेगात्मक बुद्धि एवं व्यावसायिक संतुष्टि के मध्य संबंध को समझने में सहायक होंगे। साथ ही, अध्ययन के निष्कर्ष शिक्षक-कल्याण, व्यावसायिक विकास तथा विद्यालयी कार्य-परिवेश को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में उपयोगी आधार प्रदान कर सकते हैं। यह अध्ययन शिक्षा-प्रशासन एवं शिक्षक-प्रशिक्षण से जुड़े व्यक्तियों के लिए व्याख्याताओं की संवेगात्मक दक्षताओं के विकास तथा व्यावसायिक संतुष्टि में वृद्धि हेतु उपयुक्त कार्यक्रमों एवं रणनीतियों के निर्धारण में उपयोगी हो सकता है।Downloads 20 and Views 0
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Copyright (c) 2026, सुमेर,डॉ. विनोद भाम्बू
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