माध्यमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों के मूल्यों का विश्लेमाणात्मक अध्ययन
DOI:
https://doi.org/10.5281/zenodo.22846287Keywords:
माध्यमिक विद्यालय, मूल्य।Abstract
भारतीय शिक्षा आयोगों ने शिक्षा में मूल्यों की कमी बताकर उसे मूल्यों से पर्याप्त रूप से जोडने की बात कही तथा इस विषय में अपने अनेक सुझाव प्रस्तुत किये। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में भी मूल्य परक शिक्षा पर अत्यधिक बल दिया गया। विभिन्न आयोगों की सिफारिशों एवं राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा, एन.सी.टी.ई. की योजनाओं को देखते हुए वर्तमान शिक्षा का स्वरूप अत्यधिक मूल्यपरक होना चाहिए परन्तु समाज में भ्रष्टाचार, कुरीतियाँ, शोषण आदि प्रतिदिन व्यापक रूप में दृष्टिगत होती है। इसी विसंगति को ध्यान में रखते हुए शोधकर्ता को जिज्ञासा हुई कि प्रस्तुत शोधकार्य द्वारा विद्यार्थियों में विद्यमान मूल्यों के बारे में पता लगाया जाये, जिससे कि उनकी वर्तमान स्थिति को समझकर प्रभावी मूल्यों के निर्माण का अध्ययन करने के लिए वर्तमान शोध समस्या का चयन किया गया। निष्कर्षतः माध्यमिक स्तर के विद्यालयों में विद्यार्थियों के कुल मूल्य एवं विभिन्न आयामों सौन्दर्यात्मक, सैद्धान्तिक, धार्मिक, राजनैतिक, सांस्कृतिक, सामाजिक,आर्थिक मूल्य एवं सुखवादी मूल्य के प्राप्तांकों पर माध्यमिक विद्यालयों का कोई सार्थक प्रभाव नहीं होता है। माध्यमिक स्तर के विद्यालयों में विद्यार्थियों के मूल्य संबंधी विभिन्न आयामों सौन्दर्यात्मक, सैद्धान्तिक, धार्मिक, राजनैतिक, सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक मूल्य के प्राप्तांक औसत से अधिक है। सुखवादी मूल्य आयाम के औसत प्राप्तांक से कम है।Downloads 29 and Views 0
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Copyright (c) 2026, डॉ. चन्द्रकान्त शर्मा,ममता मीणा
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